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पित्त नाशक आयुर्वेदिक उपचार - Pitt Nashak Ayurvedic Upchar

पित्त नाशक आयुर्वेदिक उपचार (फोटो - sportskeedaहिंदी)
पित्त नाशक आयुर्वेदिक उपचार (फोटो - sportskeedaहिंदी)

हमारा शरीर 3 एनर्जी से बना होता है - वात, पित्त और कफ। आज के समय का खान-पान और जीवनशैली इन त्रिदोषों पर प्रभाव डालते हैं। यदि ये असंतुलित हो गए हों तो शरीर बीमारियों का शिकार हो सकता है। आपने अक्सर देखा होगा कि कई लोग ज्यादा बीमार पड़ते हैं, इसके पीछे पित्त दोष की समस्या हो सकती है। आयुर्वेद की माने तो, केवल पित्त असंतुलित होने से कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। गर्मी, तरल, अम्ल, कड़वा, चिकनाई पित्त के लक्षण हैं। भिन्न दोषों से शरीर पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। जॉन्डिस होना, अल्सर, एसिडिटी, हिचकियां आना, डकार आना आई पित्त दोष के कारणों में से एक हैं। इस लेख में बढ़े हुए पित्त को बैलेंस करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार बताये गए हैं।

पित्त नाशक आयुर्वेदिक उपचार

खान-पान में बदलाव और कुछ आयुर्वेदिक प्रक्रियाओं से भी बढ़े हुए पित्त को नियंत्रित किया जा सकता है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है की पित्त दोष के कारणों को जाना जाए और उनसे दूरी बनाई जाए। मसालेदार चटपटा खाने का अधिक सेवन करने से, अधिक मेहनत करना या मानसिक तनाव रहना, शराब पीना, समय पर खाना-पीना ना करना, तिल व सरसों के तेल का अधिक उपयोग करना, खाने में मांस ज्यादा खाना पित्त बढ़ने के कुछ कारण होते हैं।

पित्त के प्रकोप से बचाव के लिए करें इनका अधिक सेवन (To prevent the outbreak of bile, consume them more in hindi)

1. घी का सेवन अधिक करें।

2. पत्तेदार हरी सब्जियां, आलू, गाजर, खीरा, गोभी जैसी फाइबर वाली चीज़ों का सेवन अधिक करें।

3. दालों का अधिक सेवन करें।

4. दलिया-अनाज, सलाद, एलोवेरा जूस का सेवन करें।

पित्त दोष में जीवनशैली में बदलाव जरूरी (Lifestyle changes necessary in pitta dosha in hindi)

पित्त दोष को नियंत्रित करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी होते हैं। ऐसे में -

- धूप में ना घूमें (avoid sunbath) यह शरीर में गर्मी बढ़ा सकती है।

- तैराकी (swimming) करें, तैरने से मदद मिलेगी।

- शरीर की मालिश (massage with col oils) ठंडे तेल से करें।

- केवल ठंडे पानी से नहाएं (take bath with cold water), यह शरीर को ठंडा रखने में मददगार होता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Vineeta Kumar
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