गले की एलर्जी के लिए आसान घरेलू उपाय : Gale ki allergy ke liye asan gharelu upay 

  गले की एलर्जी के लिए आसान घरेलू उपाय
गले की एलर्जी के लिए आसान घरेलू उपाय

बदलते मौसम में गले की एलर्जी (Allergy) होना बहुत आम बात है। कई बार लोग गर्मी आते ही फ्रिज के ठंडे पानी (Cold Water) का सेवन करना चालू कर देते हैं, जिसके चलते गले में एलर्जी होने लगती है जिससे गले में दर्द, खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती है। इसके कारण कुछ भी खाने या पीने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। और कई बार एलर्जी के कारण बुखार भी आना शुरु हो जाता है। अगर सही समय पर इस पर ध्यान न दिया जाए तो ये गंभीर रूप भी ले सकती है। लेकिन इसको शुरुआती दिनों में घरेलू नुस्खों से ठीक किया जा सकता है। आइए जानते हैं गले की एलर्जी को ठीक करने के कुछ घरेलू उपाय -

गले की एलर्जी को ठीक करने के घरेलू उपाय

नमक का पानी ( Salt Water) - नमक के पानी से गरारे करने से गले की खराश में बहुत फायदा मिलता है। दिन में 2 से 3 बार इस पानी से अगर गरारे (Gargle) किया जाए तो गले को बहुत आराम मिलता है इसको करने के लिए एक ग्लास में गुनगुना पानी लें, उसमें आधा चम्मच नमक डाले और इसे अच्छी तरह से घोल लें, इसके बाद उस पानी से बताए गए नियमित समय पर गरारे करें।

काढ़ा करे गले का इलाज (Decoction for throat treatment) - अगर आपको सर्दी -जुकाम के वजह से गले में तकलीफ है तो इसे घर पर ही ठीक किया जा सकता है । उसके लिए आप काढ़ा बनाकर पीए जिसके लिए बस कुछ सामग्री की जरूरत है। दालचीनी, अदरक (Ginger), लौंग, तुलसी पत्ते, शहद (Honey), नमक इन सबको पानी में डालकर अच्छे से उबाल लें और फिर एक छलनी से छान कर धीरे-धीरे इसका सेवन करें, इसके पीते ही आपको गले में आराम मिलना शुरू हो जाएगा।

मुलेठी (Mulethi) - किसी को अगर गले में अक्सर एलर्जी की परेशानी बनी रहती है तो उसके लिए मुलेठी सबसे लाभदायक उपाय है। मुलेठी को आयुर्वेदिक इलाज में उपयोग किया जाता है। इसका सेवन करने से किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता है। गले में खराश हो या फिर दर्द हो मुलेठी का सेवन जरूर करना चाहिए, इसे बस मुंह में लेकर आपको इसका रस चूसते रहना है, और जैसे ही इसका रस खत्म हो जाए, इसे फेंक दें। स्वाद में मीठी मुलेठी का सेवन बच्चे भी कर सकते हैं।

दालचीनी (Cinnamon) - दालचीनी खाने में उपयोग करने वाला एक गरम मसाले का प्रकार है, जिसके कई सारे फायदे होते हैं। दालचीनी की तासीर ठंडी होती है, लेकिन इसका सेवन गर्मी और ठंडी में किया जाता है। यदि किसी को अक्सर गले से संबंधित परेशानी बनी रहती है। तो इसके उपचार के लिए उन लोगों को हर दिन दालचीनी का उपयोग करना चाहिए, दालचीनी में एंटी आक्सीडेंट (Anti Oxidant) और एंटी बैक्टीरियल (Anti-Bacterial) गुण मौजूद होते हैं, जो हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद होता है। दालचीनी को शहद या चाय में मिलाकर पीने से आराम मिलता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Shilki
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