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सुबह सुबह करें ये एक योगासन और अपने दिमाग के कॉन्सेंट्रेशन और फोकस को करें बेहतर

फोटो: Soulful Arogya
फोटो: Soulful Arogya
Amit Shukla
ANALYST

(वैधानिक चेतावनी: यदि आपको हाल फिलहाल में ही किसी सर्जरी से दो चार होना पड़ा है या आपके हाथ पैरों में कमजोरी है तो इसको करने से बचें। यदि आपके पैरों में वो शक्ति नहीं है तो इसको करने के लिए आप दीवार का सहारा लें, लेकिन खुद को सेफ रखें।)

सुबह सुबह उठकर क्या आपको लगता है कि आपका मन इधर उधर जाने लगता है। क्या दिमाग में ख्याल आते हैं और वो आपको विचलित करते हैं? क्या मन में एक बेचैनी सी रहती है? अगर इन सभी सवालों का जवाब हाँ है तो आपको अपने फोकस और कंसन्ट्रेशन को बढ़ाने की जरूरत है।

ये आसान तो है लेकिन अगर आपके पैरों में कमजोरी है या आपने कभी भी कसरत नहीं की है या आप बीमार हैं या हाल फिलहाल में ही ऑपरेशन करवाकर आए हैं तो आपसे अनुरोध है कि ठीक हो जाने तक इसको ना करें। ये आसन बेहद अद्भुत है लेकिन आप इस एक आसन को करने के प्रयास में खुद को दोबारा चोटिल नहीं करना चाहेंगे।

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अगर आप पहले एक्सरसाइज करते रहे हैं या आपके पैरों में ताकत है तो आपको इस आसन को करना चाहिए। इस आसन का मकसद आपके कंसन्ट्रेशन और फोकस को बढ़ाना है और अगर आप इसे कर सके तो इससे आपको काफी लाभ मिलेगा। ये आसन आसान है अगर आप बैलेंस कर सकते हैं।

सुबह सुबह करें ये एक योगासन और अपने दिमाग के कॉन्सेंट्रेशन और फोकस को करें बेहतर

वृक्षासन को अंग्रेजी में ट्री पोज (Tree Pose) भी कहा जाता है। इस आसन को करने के लिए आपको अपने पैरों से लेकर हाथों तक के पूरे तंत्र का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसलिए आपके शरीर का फोकस्ड रहना बेहद जरूरी है। अगर आप ऐसा कर सकते हैं तो आइए आपको बताते हैं इसको करने का तरीका जो आपके लिए चीजें आसान कर देगा।

वृक्षासन कैसे करें (How to do Vrikshasana or Tree Pose)

पैरों के बल खड़े हो जाएं (Stand on your legs)

पैरों के बल खड़ा होना तो कोई बड़ा काम नहीं है। आप दिनभर ये करते हैं, फिर चाहे तो ऑफिस जाने के लिए ली गई मेट्रो या बस होया फिर बॉस के साथ होने वाली मीटिंग। इन दोनों ही स्थितियों के अलावा भी आप पैरों को इस्तेमाल में लाते हैं और खड़े रहते हैं। इस स्थिति में शरीर में खून का बहाव नार्मल चल रहा होगा।

अपने एक पैर के पंजे को दूसरे घुटने के साथ लगा लें (Put Your Toes on the other leg's knee)

ये करना आसान लग सकता है लेकिन है नहीं। इसके लिए आपके पैरों में ताकत होनी चाहिए ताकि आपको अपने पंजे को दूसरे पैर के घुटने पर रखने में आसानी हो। ये करने से आप आधा आसन कर चुके हैं और आपका शरीर खुद को बैलेंस करना भी सीख चुका है जो एक बड़ी बात है।

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हाथों को सर के ऊपर ले जाएं और नमस्कार मुद्रा बनाएं (Strech your hands above your head and make the namaskar mudra with folded hands)

जब पैर बैलेंस हो चुका हो तो अब बस आपको अपने हाथों को सर के ऊपर ले जाना है। इस दौरान ऊपर पहुँचते ही आप नमस्कार वाली मुद्रा में हाथों को जोड़ लें। आपके हाथ सीधे रहने चाहिए और ऊपर की तरफ खिचे हुए रहने चाहिए। इससे आपको काफी अच्छा महसूस होगा और शरीर को भी अच्छा लगेगा। इस स्थिति में दस से बीस सेकेंड रहें या अगर आप आप अधिक समय के लिए कर सकते हैं तो करें और फिर नार्मल पोजीशन में आ जाएं।

वृक्षासन से होने वाले फायदे (Benefits of Vrikshasana or Tree Pose)

पैरों में बैलेंस और स्थिरता बनाता है (Improves balance and stability in the legs)

चूँकि इस आसन के दौरान पैरों पर ही फोकस होता है तो ऐसे में आपके पैरों का फोकस ठीक होने के साथ साथ उनमें बैलेंस करने की स्थिति बेहतर होती है। इससे शरीर में स्थिरता आती है और चूँकि आपके पूरे शरीर का भार सिर्फ आपके पैरों पर होता है तो इस आसन से वो मजबूत होते हैं।

पंजों के लिगामेंट और टेंडन को मजबूत करता है (Strengthens the ligaments and tendon of the feet)

पैरों का लिगामेंट आपके पैरों को जोड़कर रखता है और यही बात पंजों पर भी लागू होती है। अगर आप इस आसन को करते हैं तो आप पूरे पैर को ताकत दे रहे हैं। जिस तरह से नींव ठीक रहने पर घर की सुरक्षा होती है और वो ढहता नहीं है वैसे ही इस आसन को करके आप अपने शरीर की नींव को ठीक कर रहे हैं।

खड़े हुए पैर को कूल्हों तक मजबूती प्रदान करता है (Strengthens and tones the entire standing leg, up to the buttocks)

पैर में दो हड्डियाँ होती हैं, जिनके नाम क्रमशः टिबिया और फिबुला हैं। ये दोनों पैर की सबसे लंबी हड्डी हैं जबकि आपकी जाँघों में फीमर नाम की हड्डी होती है। इन तीन हड्डियों से ही आपका पैर चल रहा है, और यहाँ पर हम मांसपेशियों की बात नहीं कर रहे हैं। जब आप एक पैर पर खड़े होते हैं तो आपके पैर के साथ जुड़े कूल्हों को भी मजबूती प्राप्त होती है।

पेल्विक को स्थिरता प्रदान करता है (Assists the body in establishing pelvic stability)

ऐसी स्थिति में जब आपका ये आसन कूल्हों को भी सपोर्ट दे रहा है तो आप इस बात को मान सकते हैं कि ये पूरे शरीर को ताकत प्रदान कर रहा है। आपकी इस पोज के दौरान आपका दिमाग फोकस करता है कि आप किसी भी रूप में गिरे नहीं जबकि ऊपर उठे हाथ आपके कंसन्ट्रेशन को बनाए रखने का काम करते हैं।

एक आसन जो आपके शरीर को ठीक कर दे उसे कुछ मिनट देना कोई बुरी बात नहीं है।

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अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Amit Shukla
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